CJP के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को खाना बांटने वाले जुनैद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। उन्होंने अदालत से मांग की है कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और मामले में निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित की जाए। जुनैद ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा क्यों खटखटाया? जानकारी के अनुसार, CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान जुनैद ने प्रदर्शन में शामिल लोगों को भोजन उपलब्ध कराया था। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। अब उन्होंने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि उन्होंने केवल लोगों को खाना उपलब्ध कराया था और इसे किसी गैरकानूनी गतिविधि से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उनका कहना है कि उनके साथ कानून के अनुसार निष्पक्ष व्यवहार किया जाए। जुनैद की क्या मांग है? सुप्रीम कोर्ट से मांगी यह राहत जुनैद ने अपनी याचिका में अदालत से मांग की है कि— उनके खिलाफ चल रही कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई जाए। मामले की निष्पक्ष सुनवाई कराई जाए। उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाए। जब तक अंतिम फैसला न आए, तब तक उन्हें राहत दी जाए। उनका कहना है कि केवल खाना बांटना किसी अपराध की श्रेणी में नहीं माना जाना चाहिए और इस मामले को निष्पक्ष तरीके से देखा जाना चाहिए। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट पहले यह तय करेगा कि याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार की जाए या नहीं। यदि अदालत मामले को सुनने के लिए तैयार होती है, तो संबंधित पक्षों से जवाब मांगा जा सकता है। इसके बाद अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर आगे का फैसला करेगी। फिलहाल यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है। इसलिए अंतिम निर्णय आने तक किसी भी पक्ष के दावों को अदालत द्वारा प्रमाणित नहीं माना जा सकता। मामले का महत्व यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि यह विरोध प्रदर्शन, नागरिक अधिकारों और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। अदालत का आगे आने वाला फैसला यह स्पष्ट कर सकता है कि ऐसे मामलों में कानून की व्याख्या किस तरह की जाएगी। फिलहाल सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और उसके आदेश पर बनी हुई है।यह भी पढ़ें- CJP का बड़ा दावा: केंद्र से बातचीत सफल, प्रदर्शनकारियों पर No FIR का आश्वासन