धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद उनके मंत्रालय का पोर्टफोलियो बदले जाने की चर्चाओं पर BJP ने स्थिति साफ कर दी है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि प्रधान के इस्तीफे के बाद मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर चल रही अटकलों को सही नहीं माना जाना चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद क्या हुआ? धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या केंद्र सरकार ने उनके मंत्रालय और दूसरे विभागों के पोर्टफोलियो में कोई बड़ा बदलाव किया है। सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में भी इसे लेकर अलग-अलग दावे सामने आए। प्रधान का नाम शिक्षा मंत्रालय से जुड़ा रहा है और NEET परीक्षा को लेकर उठे विवाद के बीच उनके इस्तीफे की खबर ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे दी जाएगी और क्या इसके साथ केंद्र सरकार के दूसरे मंत्रालयों में भी बदलाव किया जाएगा। BJP ने पोर्टफोलियो बदलने की खबर पर क्या कहा? BJP ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पोर्टफोलियो में बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं पर जवाब दिया है। पार्टी ने संकेत दिया कि केवल इस्तीफे के आधार पर मंत्रालयों में बड़े बदलाव को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा। पार्टी की ओर से सामने आए जवाब के बाद उन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश हुई है, जिनमें कहा जा रहा था कि प्रधान के इस्तीफे के साथ कई मंत्रालयों की जिम्मेदारियां भी बदली जा सकती हैं। क्यों चर्चा में आया पोर्टफोलियो? किसी केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे के बाद उसके मंत्रालय की जिम्मेदारी किसी दूसरे मंत्री को दी जा सकती है। ऐसे में नए मंत्री या अतिरिक्त प्रभार की घोषणा होने तक राजनीतिक और मीडिया हलकों में कई तरह की संभावनाएं सामने आती हैं। धर्मेंद्र प्रधान के मामले में भी यही हुआ। इस्तीफे की खबर के बाद शिक्षा मंत्रालय को लेकर कई सवाल उठने लगे और संभावित बदलावों पर चर्चा तेज हो गई। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों अहम है? धर्मेंद्र प्रधान केंद्र सरकार के प्रमुख मंत्रियों में शामिल रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय उनके कार्यकाल के दौरान कई बड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में रहा, जिनमें NEET और उच्च शिक्षा से जुड़े विषय प्रमुख रहे। ऐसे समय में उनका इस्तीफा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया। हालांकि, किसी मंत्री के इस्तीफे के बाद मंत्रालय का अगला प्रभार किसे मिलेगा, यह केंद्र सरकार के आधिकारिक फैसले पर निर्भर करता है। फिलहाल BJP के जवाब के बाद पोर्टफोलियो में बड़े बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं को लेकर तस्वीर कुछ हद तक साफ हुई है। आगे सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा होने पर ही यह स्पष्ट होगा कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे दी जाती है और केंद्र में कोई अन्य बदलाव होता है या नहीं।यह भी पढ़ें- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर CJP का सेलिब्रेशन, सोनम वांगचुक बोले- असली मुद्दा कुछ और है