कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि वह इस वर्ष अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे क्योंकि उनके अनुसार यह समय उत्सव का नहीं बल्कि जवाबदेही तय करने का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल की दुखद घटनाओं और लोगों की पीड़ा को देखते हुए जश्न मनाना उचित नहीं होगा तथा जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा जाना चाहिए। खरगे ने जन्मदिन नहीं मनाने का किया ऐलान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने जन्मदिन से पहले जारी संदेश में कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में व्यक्तिगत उत्सव मनाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा, "यह जश्न मनाने का नहीं बल्कि जवाबदेही तय करने का दिन है।" खरगे ने कहा कि जब देश के कई परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हों, तब सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों का दायित्व संवेदनशीलता दिखाना है। उन्होंने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से भी जन्मदिन के कार्यक्रम आयोजित नहीं करने की अपील की। हाल की घटनाओं का किया जिक्र पीड़ित परिवारों के प्रति जताई संवेदना खरगे ने अपने बयान में हाल की उन घटनाओं का उल्लेख किया जिनमें लोगों की जान गई और कई परिवार प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय होना सबसे अधिक आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल शोक व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए पारदर्शी जांच और जवाबदेही जरूरी है। कांग्रेस का सरकार पर निशाना कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार से कई सवाल भी उठाए। पार्टी का कहना है कि जिन घटनाओं में लोगों की जान गई या गंभीर नुकसान हुआ, उनमें जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और यदि कहीं लापरवाही हुई है तो दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में जवाबदेही ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है और जनता को यह जानने का अधिकार है कि ऐसी घटनाएं क्यों हुईं तथा भविष्य में इन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। समर्थकों से की विशेष अपील खरगे ने अपने शुभचिंतकों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से आग्रह किया कि वे जन्मदिन के अवसर पर किसी प्रकार का समारोह, स्वागत कार्यक्रम या उत्सव आयोजित न करें। उन्होंने कहा कि यदि लोग उनकी शुभकामनाओं को सार्थक बनाना चाहते हैं तो समाज सेवा, जरूरतमंदों की सहायता और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करें। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को कठिन समय में जनता के साथ खड़ा होना चाहिए और व्यक्तिगत उत्सव से अधिक महत्व लोगों की समस्याओं के समाधान को देना चाहिए। राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा बयान राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खरगे का यह फैसला केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है। विपक्ष लगातार विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है और इसी क्रम में कांग्रेस अध्यक्ष का यह बयान भी उसी रुख को मजबूत करता है। खरगे ने अपने संदेश के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में उनकी प्राथमिकता व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना और जिम्मेदारी तय करने की मांग है। उनका यह बयान अब राजनीतिक और सार्वजनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।