पेपर लीक के मुद्दे पर सांसद पप्पू यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि यदि चीन की तरह सख्त और तकनीक आधारित व्यवस्था अपनाई जाए तो परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि केवल नए कानून बनाने से नहीं, बल्कि मजबूत निगरानी और जवाबदेही तय करने से ही समस्या का समाधान होगा। पेपर लीक पर सरकार को दी सख्त सलाह सांसद पप्पू यादव ने परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र कई महीनों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक की घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल सख्त कानून बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके साथ-साथ परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना होगा। उनका कहना था कि जब तक जिम्मेदार लोगों पर तेजी से कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं पूरी तरह नहीं रुकेंगी। चीन का उदाहरण देकर क्या कहा? तकनीक और निगरानी पर दिया जोर अपने बयान में पप्पू यादव ने चीन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां परीक्षा प्रणाली में तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि मजबूत डिजिटल निगरानी, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त जवाबदेही के कारण परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों पर नियंत्रण रखा जाता है। उन्होंने कहा कि भारत में भी परीक्षा केंद्रों की निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, डिजिटल ट्रैकिंग और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने जैसे कदम उठाए जाएं तो पेपर लीक की घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी दूसरे देश की व्यवस्था को पूरी तरह अपनाने के बजाय भारत की जरूरतों के अनुसार मजबूत और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली तैयार की जानी चाहिए। छात्रों के भविष्य को लेकर जताई चिंता पप्पू यादव ने कहा कि हर बार पेपर लीक होने से सबसे ज्यादा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ता है। परीक्षा रद्द होने पर उन्हें दोबारा तैयारी करनी पड़ती है, जिससे मानसिक तनाव और आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए। यदि किसी परीक्षा में लापरवाही या पेपर लीक की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना था कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली ही युवाओं का भरोसा वापस दिला सकती है। इसके लिए आधुनिक तकनीक, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और समयबद्ध जांच बेहद जरूरी है। पेपर लीक पर लगातार जारी है सियासी बहस देश में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। विपक्ष लगातार सरकार से परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि पेपर लीक रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी बीच पप्पू यादव के चीन का उदाहरण देने वाले बयान ने इस बहस को एक नया मोड़ दे दिया है। अब यह देखना होगा कि सरकार परीक्षा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए आगे क्या नए कदम उठाती है और छात्रों का भरोसा बढ़ाने के लिए कौन-सी नई व्यवस्था लागू करती है। यह भी पढ़ें- पेपर लीक रोकने वाले बिल पर सत्ता-विपक्ष में टकराव, सदन में अखिलेश और रिजिजू की तीखी नोकझोंक