उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। समाजवादी पार्टी द्वारा इस मुद्दे को उठाने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष से सवाल करते हुए कहा कि "मेरे साथ तो कोई नहीं गया... जिसने चंदा दिया हो, वह रसीद लेकर आए", जिसके बाद सदन का माहौल गर्म हो गया। विधानसभा में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर बढ़ा विवाद उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायकों ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को जोरदार तरीके से उठाया। विपक्ष ने सरकार से इस पूरे मामले पर जवाब मांगा और निष्पक्ष जांच की मांग की। सत्र शुरू होने से पहले भी समाजवादी पार्टी के नेताओं ने विधानसभा परिसर में पोस्टर और तख्तियों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने "चंदा चोर" जैसे नारे लगाए और सरकार पर पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया। विपक्ष ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामले में पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। इसी मुद्दे पर चर्चा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग इस विषय को उठा रहे हैं, वे पहले यह बताएं कि मंदिर निर्माण के लिए किसने चंदा दिया था। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, "मेरे साथ तो कोई नहीं गया. जिसने चंदा दिया हो, वह रसीद लेकर आए।" इस बयान के बाद सदन में विपक्ष की ओर से जोरदार विरोध देखने को मिला। सपा ने सरकार को घेरा, सत्ता पक्ष ने किया पलटवार समाजवादी पार्टी ने कहा कि यह मामला केवल राजनीति का नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। विपक्ष का कहना था कि यदि मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की खबर सामने आई है तो सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी और सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज चढ़ावे की बात कर रहे हैं, उन्होंने राम मंदिर निर्माण के समय कोई योगदान नहीं दिया था। उन्होंने विपक्ष पर धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी सदन में कहा कि बिना पूरी जांच और तथ्यों के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। उनका कहना था कि सरकार हर मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है और यदि किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो दोषियों पर कार्रवाई होगी। सदन में हंगामा, कई मुद्दों पर विपक्ष का प्रदर्शन राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। इसके अलावा विपक्ष ने नीट पेपर लीक, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और किसानों से जुड़े विषयों को भी उठाया। विधानसभा परिसर में समाजवादी पार्टी के विधायक पोस्टर लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ समय तक सदन में हंगामे की स्थिति बनी रही। विपक्ष लगातार इस मामले पर चर्चा की मांग करता रहा जबकि सत्ता पक्ष ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताया। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित रखने की अपील की और कहा कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, लेकिन सदन की गरिमा बनाए रखना भी सभी की जिम्मेदारी है। अब आगे क्या होगा? राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है। विपक्ष इस मामले को लगातार उठाने की रणनीति बना रहा है, जबकि सरकार इसे राजनीतिक आरोप बता रही है। फिलहाल इस मुद्दे पर आरोप और जवाबी आरोप जारी हैं। यदि जांच एजेंसियों की ओर से कोई नई जानकारी सामने आती है तो राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। विधानसभा के मानसून सत्र में भी इस विषय पर आगे और चर्चा होने की संभावना बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे हमेशा संवेदनशील होते हैं। ऐसे मामलों में तथ्यों के सामने आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा। फिलहाल विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार अपने रुख पर कायम है कि मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।