सावन सोमवार का व्रत रखने वाले लोगों को ऐसे भोजन का सेवन करना चाहिए जो सात्विक, हल्का और व्रत के नियमों के अनुसार हो। वहीं अनाज, सामान्य नमक, प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन से बचना चाहिए ताकि व्रत का धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टि से लाभ मिल सके। सावन सोमवार व्रत का महत्व और सही खानपान क्यों जरूरी है? सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने में लाखों श्रद्धालु हर सोमवार व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। माना जाता है कि श्रद्धा और नियमों के साथ रखा गया सावन सोमवार का व्रत भगवान शिव की कृपा दिलाता है और मनोकामनाओं की पूर्ति करता है। लेकिन केवल पूजा करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता। व्रत के दौरान खानपान का भी विशेष महत्व होता है। सही फलाहार शरीर को ऊर्जा देता है और पूरे दिन कमजोरी महसूस नहीं होने देता। वहीं गलत भोजन करने से व्रत के नियम भी टूट सकते हैं और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। इसी कारण हर साल सावन सोमवार के दौरान सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल यही होता है कि व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से पूरी तरह बचें। सावन सोमवार व्रत में क्या खाना चाहिए? जानिए पूरी फलाहार लिस्ट व्रत के दौरान ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है जिन्हें फलाहार माना जाता है। ये शरीर को आवश्यक पोषण देने के साथ-साथ आसानी से पच भी जाते हैं। फल और ड्राई फ्रूट्स फलाहार में मौसमी फलों को सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। आप सेब, केला, पपीता, अमरूद, अनार, संतरा, नाशपाती, अंगूर, तरबूज और खरबूजा खा सकते हैं। नारियल का पानी भी शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता। ड्राई फ्रूट्स में बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट, पिस्ता, मखाना और छुहारा खाया जा सकता है। इन्हें सीमित मात्रा में खाने से पूरे दिन ऊर्जा बनी रहती है। दूध और दूध से बने पदार्थ व्रत में दूध, दही, छाछ, पनीर और बिना नमक का मक्खन लिया जा सकता है। कई लोग दूध में बादाम या मखाना डालकर भी पीते हैं। इससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है। व्रत में बनने वाले अनाज हालांकि सामान्य अनाज नहीं खाए जाते, लेकिन व्रत में कुछ विशेष खाद्य पदार्थों की अनुमति होती है। इनमें शामिल हैं— साबूदाना कुट्टू का आटा सिंहाड़े का आटा राजगिरा आटा सामक के चावल (व्रत वाले चावल) शकरकंद अरबी उबले आलू इनसे साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू की पूरी, सिंहाड़े की रोटी, सामक की खिचड़ी, शकरकंद चाट और आलू की हल्की सब्जी बनाई जा सकती है। व्रत में कौन-सा नमक इस्तेमाल करें? व्रत में सामान्य सफेद नमक की जगह केवल सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है। अधिकांश लोग फलाहार की सभी चीजों में सेंधा नमक ही मिलाते हैं। इसके अलावा घी, मूंगफली, दही, जीरा, काली मिर्च, हरी इलायची और नींबू का भी सीमित मात्रा में उपयोग किया जा सकता है। सावन सोमवार व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए? व्रत के दौरान कुछ चीजों से पूरी तरह दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। इन्हें खाने से व्रत के नियम टूट सकते हैं। इन चीजों का सेवन न करें गेहूं, चावल और सामान्य आटा दालें सामान्य नमक प्याज और लहसुन मांस, मछली और अंडा शराब और अन्य नशीले पदार्थ फास्ट फूड मैदा से बनी चीजें बिस्कुट और पैकेट वाले स्नैक्स ज्यादा मसालेदार भोजन तली हुई चीजों का अधिक सेवन कुछ लोग व्रत में चाय और कॉफी भी कम मात्रा में लेने की सलाह देते हैं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। यदि किसी व्यक्ति को मधुमेह, उच्च रक्तचाप या अन्य गंभीर बीमारी है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही भोजन करना बेहतर रहता है। व्रत के दौरान रखें ये जरूरी बातें सावन सोमवार का व्रत केवल भोजन छोड़ने का नाम नहीं है, बल्कि यह संयम, भक्ति और अनुशासन का प्रतीक भी माना जाता है। व्रत रखने वाले लोगों को सुबह स्नान करके भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। यदि निर्जला व्रत नहीं है तो समय-समय पर फल, दूध या हल्का फलाहार लेना बेहतर रहता है। बहुत अधिक तला हुआ फलाहार खाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे गैस, एसिडिटी और भारीपन की समस्या हो सकती है। साबूदाना, आलू और कुट्टू से बनी चीजों का भी संतुलित मात्रा में सेवन करें। रात में व्रत खोलते समय हल्का भोजन करें और एक साथ बहुत अधिक खाना खाने से बचें। इससे पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत के दौरान क्रोध, झूठ, नकारात्मक विचार और किसी का अपमान करने से भी बचना चाहिए। भगवान शिव की पूजा, महामृत्युंजय मंत्र या "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। सावन सोमवार का व्रत सही नियमों और संतुलित फलाहार के साथ रखने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और पूजा भी पूरी श्रद्धा के साथ संपन्न होती है। यदि आप पहली बार व्रत रख रहे हैं तो अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए भोजन का चुनाव करें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या योग्य आहार विशेषज्ञ की सलाह लेना भी उचित रहेगा।