साल 2022 में मध्य प्रदेश में 34 बाघों की हुई मौत..

Hindi News 09 Jan 2023 18

एनटीसीए वेबसाइट के अनुसार, 2022 के दौरान मध्य प्रदेश में दर्ज 34 बाघों में से सबसे अधिक बाघों की मौत बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य में इुई, जहां 12 महीने की अवधि में नौ बाघों की मौत हुई, इसके बाद पेंच (पांच) और कान्हा (चार) का स्थान रहा।..

मध्य प्रदेश को 'बागों का राज्य' का दर्जा मिला हुआ है, लेकिन इसके बावजूद साल 2022 यह पराजय बाघों के जीवन के लिए मुफीद नहीं रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले साल यहां 34 बाघ मारे गए। देश में बाघों की आबादी के मामले में कर्नाटक दूसरे स्थान पर है और गणना के अनुसार यहां 15 बाघों की मौत हुई है। देश की बाघ गणना के लिए सर्वेक्षण वर्ष में बाघों की मौत की सूचना दी गई है जिसके परिणाम 2023 में घोषित किए जाएंगे। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह एक रहस्य है कि क्यों मध्य प्रदेश में बाघों की मौत कर्नाटक की तुलना में अधिक दर्ज की गई है, हालांकि दोनों राज्यों में 2018 की गणना के अनुसार बाघों की संख्या लगभग समान थी। वर्ष 2018 की गणना के अनुसार कर्नाटक में 524 बाघ थे, जिसकी भारत के ‘बाघ प्रदेश’ के दर्जे के लिए मध्य प्रदेश (526) के साथ प्रतिस्पर्धा है। अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय बाघ गणना हर चार साल में एक बार की जाती है। उन्होंने कहा कि हाल में अखिल भारतीय बाघ आकलन 2022 में किया गया था और इसकी रिपोर्ट इस साल जारी होने वाली है। देश चार साल की गणना के निष्कर्षों का उत्सुकता से इंतजार कर रहा है, यह जानने के लिए कि बाघों की आबादी के मामले में कौन सा राज्य कहां खड़ा है और इस बात का आंकड़ा अब उपलब्ध है कि भारत ने कितने बाघों को खो दिया है। 

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